देवास जिले में आबकारी विभाग और शराब माफियाओं के गठबंधन से कैसे पार पाएंगे मनीष खरे
देवास जिले के सोनकच्छ में बिना परमिट शराब सप्लाई का बड़ा खेल ?
देवास/सोनकच्छ। देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में अवैध शराब सप्लाई को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के एक देसी वेयर हाउस से बिना परमिट माल की सप्लाई होने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले में सोम कंपनी के मैनेजर आशीष सिसोदिया का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है।
सूत्रों का दावा है कि
मैनेजर आशीष सिसोदिया कथित तौर पर आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित के कहने पर कई बार परमिट रोकते थे।
परमिट रोके जाने के बाद कथित रूप से बिना परमिट अवैध शराब होटल, ढाबों और छोटी दुकानों तक ठेके से भी कम दामों पर सप्लाई की जाती थी ।
हाल ही में सोनकच्छ क्षेत्र में पकड़ा गया अवैध शराब से भरा ट्रक भी इसी नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।
सूत्रों का आरोप है कि ट्रक का माल परमिट दिखाकर नहीं, बल्कि “पीकर परमिट का माल” बताकर अंदरूनी तौर पर वितरित किया जाता था।

इस पूरे नेटवर्क को अंदरूनी भाषा में “PCM (विदाउट परमिट माल)” कहा जाता है। सूत्रों के मुताबिक अवैध शराब का यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय है और सस्ते दामों पर सप्लाई ने कई स्थानीय ठेकों के कारोबार को भी प्रभावित किया है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आबकारी विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन लगातार विवादों के बीच क्षेत्र में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अवैध शराब की सप्लाई के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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