कसाब को मिला वक्त तो डांगा को क्यों नहीं?’— BJP अध्यक्ष के बयान से सियासी हलचल
Rajasthan : राजस्थान में विधायक फंड में कथित भ्रष्टाचार मामले में तीन विधायकों से जुड़ा प्रकरण पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा. वहीं कथित भ्रष्टाचार में बीजेपी के खींवसर से विधायक रेवंत राम डांगा की जांच विधानसभा की सदाचार कमेटी कर रही है तो दूसरी तरफ़ बीजेपी अनुशासन समिति ने भी डांगा से जवाब मांगा है. इसी बीच गुरुवार (01 जनवरी 2026) को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जब आतंकवादी कसाब को न्याय के लिए वक्त मिल सकता है, तो BJP विधायक रेवंत राम डांगा को क्यों नहीं?
डांगा मामले में भी न्याय प्रक्रिया का पालन करेंगे- मदन राठौड़
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विधायक रेवंत राम डांगा के मामले को लेकर कहा, ''डांगा के मामले में भी न्याय प्रक्रिया का पालन करेंगे. इस मामले की जांच चल रही है. उस समाचार में कितनी सच्चाई थी? कितनी वास्तविकता थी? कितनी कांट छांट की गई? किन शब्दों को छुपाया गया किन को दिखाया गया, यह सारी चीजें जांच के बाद सामने आएगी. जब कसाब जैसे व्यक्ति को न्याय के लिए समय दिया गया है तो फिर हम भी न्याय का पूरा पालन करेंगे.''
रेवंत राम डांगा को अपन पक्ष रखने का मिलेगा समय!
बहरहाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान से यह साफ़ हो गया है कि समाचार पत्र के स्टिंग से सब कुछ तय नहीं किया जाएगा बल्कि पार्टी के भीतर अनुशासन समिति की जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर पार्टी कार्रवाई करेगी. इस बयान के बाद चर्चा है कि पार्टी रेवंत राम डांगा को अपना पक्ष रखने का पूरा समय देगी.
MLA फंड केस में 3 विधायकों से मांगा गया है जवाब
राजस्थान में विधायक फंड में 40 फीसदी कमीशन लेने के आरोप में विधायक रेवंत राम डांगा, अनीता जाटव और ऋतु बनावत को विधानसभा की याचिका और सदाचार कमेटी ने नोटिस भेजकर तलब किया
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