सील गोदाम में 1036 पेटी का दावा, आबकारी गिनती में निकलीं सिर्फ 888 पेटियां—वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा मामला 

 भोपाल अशोका गार्डन क्षेत्र में शराब माफिया के खिलाफ की गई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। क्राइम ब्रांच द्वारा एक शराब गोदाम को सील करते समय दावा किया गया था कि गोदाम में कुल 1036 पेटी अवैध शराब रखी हुई है। हालांकि, जब बाद में आबकारी विभाग द्वारा गोदाम में रखी शराब की पेटियों की गिनती कराई गई, तो चौंकाने वाला अंतर सामने आया। आबकारी विभाग की आधिकारिक गिनती में गोदाम में केवल 888 पेटियां ही पाई गईं। इस तरह 148 पेटियों का अंतर सामने आने से पूरी कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में है। पुलिस महकमे में यह चर्चा तेज है कि आखिर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज आंकड़े गलत कैसे साबित हुए। अब यह देखना अहम होगा कि इस कथित लापरवाही या गड़बड़ी पर वरिष्ठ अधिकारी क्राइम ब्रांच के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

 वहीं, इस मामले में आबकारी अधिकारी वीरेंद्र धाकड़ ने कहा है कि 

“इस कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी कलेक्टर साहब को दे दी गई है। अब जो भी आदेश होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”  वरिष्ठ पुलिस अधिकारी क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही करेंगे  गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं। आरोप हैं कि पैसे के लालच में किसी को फंसाने के लिए शराब की पेटियां रखकर दिखाना इनके लिए आम बात होती जा रही है। इस ताजा मामले ने एक बार फिर क्राइम ब्रांच की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इस प्रकरण में सिर्फ आंकड़ों की गलती हुई है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा खेल छिपा है—जिसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।