नजीराबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्टाफ नर्स कंचन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए ग्राम बंसी के निवासी ओमप्रकाश अहिरवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित ओमप्रकाश अहिरवार ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी सोना बाई का इलाज पिछले कई दिनों से नजीराबाद अस्पताल की स्टाफ नर्स कंचन से करा रहे थे इलाज आरोप है कि गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु कई दिन पहले ही हो चुकी थी और बच्चा उल्टा था, लेकिन लगातार चेकअप करने के बावजूद स्टाफ नर्स कंचन ने इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी। हालत बिगड़ने पर जब 7 अप्रैल 2026 को सोना बाई को भोपाल के सुल्तानिया अस्पताल ले जाया गया, तो वहां मृत बच्चा पैदा हुआ। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की जान पर बन आई थी, जिसे बचाने के लिए पति को तत्काल तीन यूनिट रक्त देना पड़ा। पीड़ित का कहना है, "अगर मेरी पत्नी को कुछ हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? क्या प्रशासन मुझे मेरी पत्नी वापस लाकर देता

अस्पताल की बदहाली और ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि नजीराबाद अस्पताल में डॉक्टर कभी मौजूद नहीं रहते, रात्रि में भी नहीं। डिलीवरी वाली महिलाओं को 3 दिन नहीं रोका जाता। न भोजन मिलता है, न चाय, न बिस्किट और न लड्डू मिलते हैं। सुरेश ऑपरेटर भी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के  लिए भी रुपए लिए जाते हैं। पूरा अस्पताल अप्रशिक्षित स्टाफ या नर्सों के भरोसे छोड़ दिया गया है। ओमप्रकाश और ग्राम के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी स्टाफ नर्स कंचन का तत्काल स्थानांतरण और उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामवासी 'चक्का जाम' आंदोलन करने को मजबूर होंगे।