समाज और मुद्दों पर बेबाक लेखनी के लिए जाने जाते थे
जबलपुर। नगर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और समाजसेवी श्री मोहन शशि जी का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन से संस्कारधानी के पत्रकारिता जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। श्री मोहन शशि जी को जबलपुर की पत्रकारिता का एक मजबूत स्तंभ माना जाता है। उन्होंने अपने सुदीर्घ करियर में शहर के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और निष्पक्ष पत्रकारिता के उच्च प्रतिमान स्थापित किए। एक प्रखर लेखक और विचारक के रूप में उन्होंने न केवल जनहित के बड़े मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया, बल्कि शहर के विकास और सांस्कृतिक उत्थान में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी लेखनी में धार के साथ-साथ समाज के प्रति गहरी संवेदना भी झलकती थी। उनकी अंतिम यात्रा आज 14 अप्रैल को दोपहर 12 बजे उनके निजी निवास, शांति नगर (दमोहनाका) से प्रारंभ होकर रानीताल मुक्तिधाम पहुंचेगी। उनके निधन को पत्रकारिता के एक युग का अंत माना जा रहा है। स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यों को सदैव स्मरणीय बताया है। शोक संतप्त परिवार के प्रति शहर के विभिन्न संगठनों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
"सस्पेंड करो या कोर्ट झेलने को तैयार रहो" - भाजपा नेता संतोष परवाल की तीखी चेतावनी
20 अप्रैल तक करना होगा सरेंडर: कोर्ट ने दोषी को दी राहत, मगर पुलिस को दी नसीहत
"अब विकास में बाधा नहीं सहेगा बंगाल": भाजपा के समर्थन में बोले डॉ. मोहन यादव
भारत का करारा जवाब: पाकिस्तान ने समंदर में दिखाई बौखलाहट, भारत ने दोगुनी ताकत से घेरा
धर्मांतरण व दुष्प्रेरण मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, संगठित रैकेट की जांच तेज
बालेन शाह सरकार से सीधा संवाद: काठमांडू में नई सरकार की प्राथमिकताएं सुनेंगे समीर पॉल कपूर
"नारी शक्ति का अपमान माफ नहीं करेगा देश": बिल गिरने पर विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया रोष
एक साल से चक्कर काट रहा था युवक, अंत में अधिकारी की मेज पर 500 ग्राम बादाम छोड़कर जताया विरोध।