उत्तर रेलवे की बड़ी पहल, आनंद विहार टर्मिनल का होगा विकास
नई दिल्ली। राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल आनंद विहार रेलवे टर्मिनल पर जल्द ही बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर रेलवे की ओर से यहां करीब 4.19 करोड़ रुपये की विकास परियोजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत स्टेशन के बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को व्यापक रूप से उन्नत किया जाएगा। यह टर्मिनल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली ट्रेनों का प्रमुख केंद्र है, जहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। बढ़ती भीड़ और मौजूदा समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को तैयार किया गया है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
प्लेटफॉर्म 1 से 7 के जर्जर हिस्सों की होगी मरम्मत
प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 7 तक के जर्जर हिस्सों की मरम्मत भी इस योजना का अहम हिस्सा है। प्लेटफॉर्म शेड, वैली गटर और छतों की मरम्मत कर जलभराव और पानी टपकने की समस्या से राहत दिलाई जाएगी। साथ ही स्टेशन भवन की दूसरी मंजिल पर नौ कमरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें आधुनिक विश्राम गृह में बदला जाएगा। भीड़ प्रबंधन को सुधारने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों को व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। लंबे समय से कोच केयर सेंटर और खराद मशीन शेड में बनी जलभराव व रिसाव की समस्या का भी समाधान किया जाएगा। इस परियोजना के जरिए टर्मिनल को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
स्टेशन के संपर्क मार्गों को किया जाएगा दुरुस्त
- परियोजना के तहत सबसे पहले स्टेशन के संपर्क मार्गों को दुरुस्त किया जाएगा। सर्कुलेटिंग एरिया से सैलून साइडिंग और कोच केयर सेंटर से वॉशिंग लाइन कॉम्प्लेक्स तक के रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुचारु होगी और रखरखाव कार्यों में तेजी आएगी। इसके अलावा नए प्लेटफॉर्मों पर जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां, उच्च क्षमता वाले पब्लिक एड्रेस सिस्टम और आधुनिक स्पीकर लगाए जाएंगे।
- नई दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल और दिल्ली जंक्शन स्थित पार्सल कार्यालयों में पार्सल स्कैनर के लिए 4.26 करोड़ रुपये के तीन ठेके पांच वर्षों के लिए प्रदान किए गए।
- यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल पर क्लोकरूम संचालन के लिए 6.32 करोड़ रुपये के तीन अनुबंध किए गए हैं। पार्किंग प्रबंधन के लिए 8.95 करोड़ रुपये के अनुबंध भी दिए गए।
दिल्ली मंडल ने पार्सल सेवा से 469 करोड़ कमाए
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में पार्सल बुकिंग से रिकॉर्ड 469.83 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह पिछले वित्त वर्ष के 457.46 करोड़ रुपये की तुलना में 2.70% अधिक है। दिल्ली मंडल का यह प्रदर्शन भारतीय रेलवे में सबसे बेहतर रहा है। कुल 2210.33 करोड़ रुपये के पार्सल राजस्व में इसका योगदान 21.26% है। उत्तर रेलवे के कुल 598.79 करोड़ रुपये के राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 78.46 प्रतिशत रही। रेलवे के अनुसार, मार्च 2026 में मंडल ने 195 एसएलआर (गार्ड ब्रेक वैन) लीज पर देकर अब तक का सर्वाधिक मासिक रिकॉर्ड भी बनाया।
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