वैश्विक बाजार में तेल सस्ता, ब्रेंट क्रूड फिसला
नई दिल्ली। वैश्विक कच्चे तेल बाजार में इस सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दोनों प्रमुख बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई नकारात्मक दायरे में कारोबार करते दिखे। सुबह करीब 9:40 बजे ब्रेंट क्रूड वायदा 2.29 प्रतिशत गिरकर 105.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 2.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
इस हफ्ते के ब्रेंट क्रूड के भाव में हुई पांच प्रतिशत की गिरावट
साप्ताहिक आधार पर भी कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। इस हफ्ते अब तक ब्रेंट क्रूड 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है और 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। इसी तरह WTI क्रूड में भी करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो फिलहाल 90 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।
रुपया गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
कमोडिटी बाजार में गिरावट के साथ ही भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बढ़ा। रुपया शुरुआती कारोबार में 28 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 94.24 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी
इस अनिश्चित माहौल में निवेशकों का झुकाव सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली। 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1,486 रुपये या 1.07 प्रतिशत चढ़कर 1,40,979 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 4,223 रुपये या 1.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,24,097 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
बाजारों में यह अस्थिरता पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने की अवधि अप्रैल तक बढ़ाने की बात कही और यह भी कहा कि तेहरान के साथ बातचीत काफी अच्छी चल रही है। हालांकि, ईरान के एक अधिकारी ने अमेरिकी प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित करार दिया है और किसी ठोस वार्ता की पुष्टि भी नहीं की है। ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि बीच-बीच में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन फिर से तनाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिससे बाजार भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बने हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें ऊंची और अस्थिर बनी हुई हैं, जो 100-107 अमेरिकी डॉलर के दायरे में घूम रही हैं, जिससे एक बार फिर मुद्रास्फीति, इनपुट लागत और व्यापक मैक्रो दबावों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
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