19 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, तीन आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ|उत्तर प्रदेश में फर्जी बिलिंग के जरिए सरकार को बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने कॉपर स्क्रैप के नाम पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) भी क्लेम की थी। डीजीजीआई को इस रैकेट की गोपनीय सूचना मिली थी। जांच में पुष्टि होने के बाद 19 टीमों ने लखनऊ, दिल्ली और सोनौली सहित विभिन्न शहरों में एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई में 100 से अधिक अधिकारी शामिल रहे।डीजीजीआई ने लखनऊ से दो और दिल्ली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपित फर्जी फर्म बनाकर कॉपर स्क्रैप की काल्पनिक खरीद-फरोख्त दिखाते थे। इनमें से एक व्यक्ति दीपांशु गर्ग नौकरों के नाम पर फर्जी फर्म बनाता था और वर्क कांट्रैक्ट सप्लायरों के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी बिल काटता था। गिरफ्तार सभी लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश