सोम कंपनी पर चला सुप्रीम कोर्ट का चाबुक

शराब कारोबार की दुनिया में पहले से ही विवादों में रही Som Distilleries Pvt. Ltd. को सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कंपनी के पक्ष में किसी भी प्रकार की रिफंड राशि पर अंतरिम रोक लगा दी है।

 सोम कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप 

यह वही Som Distilleries है, जिसका नाम इससे पहले भी कर विवादों, लाइसेंस से जुड़े मामलों और नीतिगत टकरावों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। अलग-अलग समय पर कंपनी पर सरकारी देनदारी, टैक्स राहत और आबकारी मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिन पर कई बार प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर सुनवाई हुई है।

 न्यायालय सोम कंपनी को अब नहीं मिलेगी आर्थिक राहत 

इस बार मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 14 मई 2025 के आदेश से जुड़ा है, जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ संकेत दिए कि मामला गंभीर है और अंतिम निर्णय से पहले कंपनी को किसी भी तरह की आर्थिक राहत नहीं दी जा सकती।

 सोम कंपनी को न्यायालय ने किया नोटिस जारी 

अदालत ने याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ करते हुए सोम डिशलरीज को नोटिस जारी किया है। कंपनी के वकील ने नोटिस स्वीकार कर लिया है और कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल किया जाए। इसके बाद राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाबी एफिडेविट दाखिल करना होगा।

 अगली सुनवाई तक सोम कंपनी को नहीं मिलेगा रिफंड 

सबसे अहम आदेश यह रहा कि अगली सुनवाई तक सोम डीसलरीज के पक्ष में किसी भी राशि के रिफंड पर पूरी तरह रोक रहेगी। जानकारों के अनुसार, यह आदेश उन पुराने विवादों की पृष्ठभूमि में और भी अहम हो जाता है, जिनमें कंपनी पहले भी राहत मांगती रही है।

 मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को 

मामले की अगली सुनवाई 02 फरवरी 2026 को तय की गई है। तब तक यह आदेश न सिर्फ सोम डीसलरीज के लिए आर्थिक झटका माना जा रहा है, बल्कि शराब उद्योग को यह संदेश भी देता है कि विवादित रिकॉर्ड वाली कंपनियों को अदालतें बिना गहन जांच राहत नहीं देंगी हैं।