शिक्षक संगठन ने रैली निकाल कर ज्ञापन सोपा

सांची।  माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने एवं नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना के संबंध में। शिक्षक संगठन ने बड़ी संख्या में शामिल होकर रैली निकालते हुए अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन नगर परिषद के अध्यक्ष पप्पू रेवाराम  उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत को सौंपते हुए उक्त ज्ञापन को विधायक महोदय को प्रेषित करने की बात कही ज्ञापन विधायक प्रभु राम चौधरी को दिया जाना था लेकिन वह एक कार्यक्रम में व्यस्त है और शिक्षकों को नहीं मिल सकते थे इसलिए उक्त ज्ञापन की प्रति विधायक प्रतिनिधि पप्पू रेवाराम को सौंपी गई  ज्ञापन में सविनय निवेदन है, कि आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय एवं आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त नॉन-TET शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने हेतु निर्देश जारी किए गए है। इस संबंध में निवेदन है, कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना दिनांक 10 अगस्त 2010 की कंडिका 4 (क), (ग) एवं कंडिका 5 के अनुसार क्रमशः-

> 03 सितंबर 2001 के पश्चात नियुक्त शिक्षक (संविदा शाला शिक्षक)

> 03 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त शिक्षक (शिक्षाकर्मी व संविदा शाला शिक्षक) तथा वर्ष 2011 से 2014 के मध्य गुरुजी से संविदा शिक्षक के रूप में नियुक्त शिक्षक को TET से छूट प्रदान की गई है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में मी उक्त छूट का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद विभागीय आयुक्तों द्वारा समस्त सेवारत नॉन-TET शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने हेतु बाध्य किया जाना, अधिसूचना के प्रावधानों एवं माननीय न्यायालय के निर्णय की भावना के विपरीत है। आपसे विनम्र निवेदन है, कि आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा दिनांक 02 मार्च 2026 तथा आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 26 मार्च 2026 को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त करने की कृपा करें।
प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत प्रदान करने की कृपा करें। नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की लंबे समय से की जा रही ज्वलंत मांग को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने हेतु आवश्यक आदेश जारी करने की कृपा करें, जिससे पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण जैसे वैधानिक लाभपदोन्नति / क्रमोन्नति की भांति सुनिश्चित हो सके। आशा है, कि आप इस विषय पर संवेदनशीलता एवं न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए शिक्षकों को आवश्यक राहत प्रदान करेंगे।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा रायसेन